वशीकरण -मंत्र | Vashiikarand -A- Mantra

By: सेठ गोविन्ददास - Seth Govinddas
वशीकरण -मंत्र | Vashiikarand -A- Mantra by


दो शब्द :

इस पाठ में तान्त्रिक विद्या, चिकित्सा, और मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र के विषय में जानकारी दी गई है। पाठ के अनुसार, तान्त्रिक विद्या में आठ सिद्धियां हैं, जैसे वशीकरण, आकर्षण, और कायाकल्प विद्या। ये सिद्धियां विधिपूर्वक की जाने पर प्रभावी होती हैं। इसके बाद एक चिकित्सा पुस्तक का उल्लेख किया गया है, जिसमें हजारों नुस्खे दिए गए हैं, जो साधारण दवाओं से तैयार किए जा सकते हैं। यह पुस्तक वेदों और आयुर्वेद का ज्ञान प्रदान करती है। पाठ में मन्त्र, यन्त्र और तन्त्र के संबंध को भी स्पष्ट किया गया है। कहा गया है कि ये तीनों तत्व एक-दूसरे के पूरक हैं और किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए इनका सही उपयोग आवश्यक है। मन्त्रों का महत्व उनके शक्ति और प्रभाव में निहित है, और वे साधक की भावना के अनुसार काम करते हैं। अंत में, पाठ में यह भी बताया गया है कि साधक को अपनी साधना में ब्रह्मचर्य, सत्य, और भक्ति का पालन करना चाहिए। मन्त्रों की सिद्धि केवल सही साधन और ध्यान के साथ प्राप्त की जा सकती है। गलतियों के कारण ही कभी-कभी मन्त्रों से सफलता नहीं मिलती है। इस प्रकार, पाठ में तान्त्रिक विद्या, चिकित्सा, और मन्त्रों की शक्ति को समझाने का प्रयास किया गया है।


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