अंक-विद्या (ज्योतिष) | Ank- Vidhya (Jyotish)

- श्रेणी: ज्योतिष / Astrology
- लेखक: गोपेश कुमार ओझा - Gopesh Kumar Ojha
- पृष्ठ : 190
- साइज: 6 MB
- वर्ष: 1966
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दो शब्द :
पाठ "अंक-विद्या" ज्योतिष के रहस्यों और उसके महत्व पर आधारित है, जिसे पण्डित गोपेश कुमार ओझा ने लिखा है। लेखक ने ज्योतिष शास्त्र की जटिलताओं और इसके अध्ययन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। भविष्य जानने के लिए ज्योतिष का उपयोग किया जाता है, जिसमें जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति, और अन्य तत्वों का ध्यान रखना आवश्यक होता है। लेखक ने बताया है कि अंक और शब्द का आपस में घनिष्ठ संबंध है, और विभिन्न संख्याएँ विभिन्न विशेषताओं और प्रभावों का प्रतीक होती हैं। पुस्तक में अंक-विद्या के रहस्यों का उद्घाटन करते हुए, लेखक ने विभिन्न तत्वों जैसे पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, और आकाश की चर्चा की है और बताया है कि ये सभी तत्व एक ही मूल तत्व से उत्पन्न होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि शब्द और संख्या का संबंध वैज्ञानिक है और यह जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंक-विद्या का अध्ययन करते समय, जन्मतिथि, नाम, और ग्रहों की स्थिति का ध्यान रखा जाता है। लेखक ने अंक-विद्या के महत्व को समझाते हुए कहा है कि यह केवल भविष्यवाणी का साधन नहीं है, बल्कि जीवन की दिशा को भी निर्धारित कर सकता है। पुस्तक में अंक-विद्या, हस्तरेखा विज्ञान, और अन्य ज्योतिषीय तत्वों का समन्वय भी प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठक को अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में सहायता मिलती है। इस प्रकार, "अंक-विद्या" एक गहन ज्ञान का संग्रह है जो ज्योतिष के माध्यम से जीवन की गहराइयों को उजागर करता है और पाठकों को अपने भविष्य के बारे में जागरूक करता है।
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