मारवाड़ी भजन सागर | Marwadi Bhajan Sagar

By: रघुनाथप्रसाद सिंहानिया - Raghunathprasad Singhania
मारवाड़ी भजन सागर  | Marwadi Bhajan Sagar by


दो शब्द :

मारवाड़ी भजन सागर एक भक्तिपूर्ण काव्य संग्रह है जिसमें विभिन्न कवियों की भक्ति कविताएँ संकलित की गई हैं। इन भजनों में भगवान कृष्ण, विशेष रूप से गिरिधर के प्रति प्रेम और भक्ति का गहरा भाव व्यक्त किया गया है। कविताओं में प्रेमिका की भावनाएँ, भगवान से मिलने की चाहत, और प्रेम के प्रति अटूट लगाव को दर्शाया गया है। प्रमुख रूप से मीरा बाई की भक्ति भावनाओं का समावेश है, जिसमें वह अपने प्रिय कृष्ण के प्रति अपनी प्रेमिल भावनाएँ व्यक्त करती हैं। वह अपने प्रियतम के बिना जीवन की कठिनाइयों और विरह के दर्द को बयाँ करती हैं। भजनों में प्रेम, विरह, और भक्ति के विभिन्न रंगों को छूते हुए, कवियों ने अपनी भावनाओं को गीतों के रूप में व्यक्त किया है। भजन संग्रह में प्रेम की मिठास, विरह की पीड़ा, और भक्ति के रस को गहराई से चित्रित किया गया है। यह संग्रह भक्तों को अपने आराध्य के साथ एक गहरे संबंध की अनुभूति कराता है, और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


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