गोदान | Godan

- श्रेणी: उपन्यास / Upnyas-Novel साहित्य / Literature
- लेखक: प्रेमचंद - Premchand
- पृष्ठ : 370
- साइज: 27 MB
- वर्ष: 1936
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: "गोदान" उपन्यास के प्रारंभ में होरीराम, एक गरीब किसान, अपनी पत्नी धनिया के साथ बातचीत कर रहा है। होरी अपने मालिक के पास जाने की जल्दी कर रहा है, जबकि धनिया उसे कुछ खाने के लिए कहती है। होरी की चिंताओं में अपने मालिक से भेंट की आवश्यकता है, जिससे उसे अपने जीवन में सुधार की उम्मीद है। धनिया, जो अपने पति की चिंताओं को समझती है, परंतु अपने जीवन की कठिनाइयों के प्रति उदासीन रहती है। धनिया की उम्र केवल 36 वर्ष है, लेकिन जीवन की कठिनाइयों ने उसे बहुत थका दिया है। उसके तीन बच्चे मर चुके हैं और वह अपने परिवार की भलाई के लिए संघर्ष कर रही है। होरी का सपना एक गाय खरीदने का है, जो उसे दूध देने के साथ-साथ उसकी सामाजिक स्थिति को भी सुधार सकेगी। उपन्यास में होरी की मानसिकता और उसके सपनों को दर्शाया गया है। वह अपने जीवन में एक गाय पाने की लालसा रखता है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। होरी अपनी कठिनाइयों को भुलाकर अपने स्वप्न की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है। पाठ में होरी और धनिया की बातचीत से उनके रिश्ते की गहराई और जीवन की कठिनाइयों का अनुभव होता है। इस प्रकार, "गोदान" में प्रेमचंद ने ग्रामीण जीवन, किसानों की समस्याएँ और उनके सपनों को बखूबी चित्रित किया है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.