विवाह सेक्स और प्रेम | Vivah Sex aur Prem

- श्रेणी: Love and Relationships | प्रेम और विवाह सेक्स - Sex
- लेखक: प्रमिला कपूर - pramila kapoor
- पृष्ठ : 364
- साइज: 17 MB
- वर्ष: 1910
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दो शब्द :
यह पाठ डॉ. प्रमिला कपूर की पुस्तक "विवाह, सेक्स और प्रेम" का परिचय और संदर्भ प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक भारत सरकार की योजना के अंतर्गत प्रकाशित की गई है, जिसका उद्देश्य हिंदी में ज्ञानवर्धक साहित्य उपलब्ध कराना है। लेखक ने अपने पिता की स्मृति में इस पुस्तक को समर्पित किया है, जिन्होंने उन्हें शिक्षा और बौद्धिक कार्यों के लिए प्रेरित किया। पुस्तक का मुख्य विषय मानव जीवन की मूलभूत अभिवृत्तियाँ जैसे प्रेम, विवाह और सेक्स हैं, जो व्यक्ति के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन को प्रभावित करती हैं। डॉ. कपूर ने विशेष रूप से भारत की युवा, शिक्षित, और कामकाजी महिलाओं के जीवन में इन अभिवृत्तियों के परिवर्तन का अध्ययन किया है। लेखिका ने अपने अध्ययन में विभिन्न अध्यायों के माध्यम से प्रेम, विवाह और सेक्स के संबंधों की जटिलताओं और उनके निर्धारक तत्वों का विश्लेषण किया है। पहले अध्याय में उन्होंने अध्ययन की विधि और आधार को स्पष्ट किया है। आगे के अध्यायों में प्रेम, विवाह, और सेक्स से संबंधित विभिन्न दृष्टिकोणों और विचारों का विवेचन किया गया है। डॉ. कपूर ने अपने अध्ययन में लगभग 500 स्त्री उत्तरदाताओं के विचारों को एकत्रित किया है और तर्कपूर्ण ढंग से अपने निष्कर्षों को प्रस्तुत किया है। पुस्तक में दिए गए निष्कर्षों में महिलाओं की मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, और परिवेश से संबंधित अभिवृत्तियों में हुए परिवर्तनों का विश्लेषण किया गया है। अंत में, डॉ. कपूर ने अपने निष्कर्षों का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत तत्वों के प्रभाव का अध्ययन किया है। इस प्रकार, यह पुस्तक विवाहित और कामकाजी महिलाओं के जीवन में प्रेम, विवाह और सेक्स से संबंधित बदलते दृष्टिकोण को समझने में सहायक है।
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