पंचतंत्र | Panch tantra

- श्रेणी: कहानियाँ / Stories दार्शनिक, तत्त्वज्ञान और नीति | Philosophy
- लेखक: विष्णु शर्मा - Vishnu Sharma
- पृष्ठ : 294
- साइज: 13 MB
- वर्ष: 1952
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दो शब्द :
इस पाठ में पंचतंत्र की भूमिका और उसके महत्व का वर्णन किया गया है। पंचतंत्र एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है, जिसे विष्णु शर्मा ने लिखा। यह ग्रंथ न केवल भारतीय नीति-शास्त्र का संकलन है, बल्कि यह विश्वभर में प्रसिद्ध है और इसके अनुवाद अनेक भाषाओं में किए गए हैं। इसमें दी गई कहानियाँ शिक्षा और नीति का पाठ पढ़ाने का माध्यम हैं। पाठ में बताया गया है कि पंचतंत्र की कहानियों में न केवल मनोरंजन है, बल्कि उनमें गहन नीति और जीवन के महत्वपूर्ण सबक भी निहित हैं। राजा अमरशक्ति के तीन मूर्ख पुत्रों को शिक्षा देने के लिए विष्णु शर्मा को बुलाया गया था, जिन्होंने कथाओं के माध्यम से उन्हें राजनीति और व्यवहार की शिक्षा दी। पंचतंत्र के पाँच प्रकरणों का नामकरण किया गया है: मित्रभेद, मित्रसम्प्राप्ति, काकोलूकीयम, लब्धप्रणाशम् और अपरीक्षितकारकम। पाठ का मुख्य उद्देश्य पंचतंत्र की कथाओं के माध्यम से नीति-शिक्षा को सरल और प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है, ताकि सभी लोग, चाहे उनकी बुद्धि कैसी भी हो, इन कहानियों से सीख सकें। इस प्रकार, पंचतंत्र भारतीय साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आज भी प्रासंगिक और शिक्षाप्रद है।
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