लीलावती | Leelawati

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद ज्योतिष / Astrology विज्ञान / Science हिंदी / Hindi
- लेखक: भास्कराचार्य - Bhaskaracharya
- पृष्ठ : 378
- साइज: 26 MB
- वर्ष: 1835
-
-
Share Now:
दो शब्द :
"लौलावती" नामक ग्रंथ भास्कराचार्य द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ज्योतिष और गणित का ग्रंथ है। इसमें वेदों की चर्चा करते हुए, वेदों की चार श्रेणियाँ - ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, और अथर्ववेद - का उल्लेख किया गया है। ग्रंथ में ज्योतिष और गणित के सिद्धांतों का समावेश किया गया है, जो वेदों के अनुसार शुभाशुभ की पहचान करने में सहायक होते हैं। इस पाठ में बताया गया है कि ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन विभिन्न शास्त्रों के ज्ञान के साथ किया जाना चाहिए, जिसमें गणित का भी विशेष महत्व है। भास्कराचार्य ने गणित और ज्योतिष के सिद्धांतों को स्पष्टता से प्रस्तुत किया है, जिससे छात्रों को इन विषयों की गहरी समझ विकसित हो सके। ग्रंथ में लोलावती की विशेषता के बारे में भी बताया गया है, जो गणितीय समस्याओं का समाधान करने के लिए एक अद्वितीय दृष्टिकोण प्रदान करता है। इसमें गणित के विभिन्न सिद्धांतों जैसे कि संख्याओं का प्रयोग, गणितीय समीकरण, और ज्योतिष के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की गई है। अंत में, पाठ का उद्देश्य विद्यार्थियों को गणित और ज्योतिष में दक्ष बनाना है, ताकि वे अपने जीवन में इन ज्ञान का सही उपयोग कर सकें। लोलावती ग्रंथ का अध्ययन केवल शास्त्रों के ज्ञान के लिए नहीं, बल्कि इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.