क़ुरान भाग १ हिंदी अनुवाद | Quran Para 1 Hindi translation

- श्रेणी: ग्रन्थ / granth धार्मिक / Religious
- लेखक: अज्ञात - Unknown
- पृष्ठ : 32
- साइज: 19 MB
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में अल्लाह की महानता, उसके गुणों और मानवता के लिए उसकी कृपा का वर्णन किया गया है। इसे विभिन्न सूरह के आयतों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें ईमान लाने वालों और काफिरों के बीच का अंतर स्पष्ट किया गया है। इसमें बताया गया है कि अल्लाह ही सभी चीजों का निर्माता है और उसने इंसानों को ईमान लाने और उसकी इबादत करने का आदेश दिया है। ईमान लाने वालों के लिए जन्नत में विशेष इनाम का वादा किया गया है, जबकि काफिरों के लिए सख्त सजा का उल्लेख किया गया है। पाठ में मुनाफिकों (दौहरे चरित्र वाले लोगों) की प्रवृत्तियों की आलोचना की गई है, जो अपने ईमान का ढोंग करते हैं लेकिन असल में वे फसाद फैलाते हैं। अल्लाह ने ऐसे लोगों के दिलों पर मोहर लगा दी है और उन्हें सच्चाई का ज्ञान नहीं है। अंत में, अल्लाह की रचना, उसकी शक्ति और इंसानों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए पाठ को समाप्त किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ धार्मिक शिक्षाओं और नैतिकता को दर्शाता है, जो इंसानों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.