चिंता छोडो सुख से जियो | HOW TO STOP WORRYING AND START LIVING

By: डेल कारनेगी - Dale Carnegie
चिंता छोडो सुख से जियो |  HOW TO STOP WORRYING AND START LIVING by


दो शब्द :

इस पाठ में लेखक अपनी व्यक्तिगत यात्रा और अनुभवों के माध्यम से चिंता और चिंता के निवारण पर चर्चा कर रहा है। लेखक ने एक समय में अपनी नौकरी और जीवन से असंतोष का अनुभव किया, जब वह मोटर ट्रक बेचने के काम में लगा था। वह एक सामान्य कमरे में रहने और सस्ते भोजन करने से निराश था। कॉलेज के दिनों में देखे गए सुनहरे सपने उसके लिए केवल एक दुःस्वप्न बन गए थे। लेखक ने निर्णय लिया कि वह अपनी पसंद के काम को अपनाएगा और शिक्षण के क्षेत्र में कदम रखेगा। उसने रात की कक्षाओं में पढ़ाना शुरू किया, जहाँ छात्रों की विभिन्न आवश्यकताएँ थीं। उसने महसूस किया कि उसके पास अपने व्यावहारिक अनुभवों से बहुत कुछ सिखाने के लिए है और उसने एक पुस्तक लिखने का निर्णय लिया, जिससे वह अपने छात्रों को चिंता से उबरने के लिए मदद कर सके। लेखक ने चिंता पर लिखी गई कई अन्य पुस्तकों को पढ़ा, लेकिन उनमें से कोई भी उसके छात्रों के लिए उपयुक्त नहीं थी, इसलिए उसने खुद एक पुस्तक लिखने का निश्चय किया। उसने अपने छात्रों के साथ प्रयोग किए और उनके अनुभवों को साझा किया। इस पुस्तक में लेखक ने चिंता को कैसे दूर किया जाए, इस विषय पर व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। यह पुस्तक केवल बौद्धिक ज्ञान नहीं है, बल्कि इसमें वास्तविक जीवन के अनुभव और नुस्खे शामिल हैं, जो पाठकों को चिंता से मुक्त करने में मदद करेंगे। लेखक ने अपने छात्रों की कहानियों को शामिल किया है, जो प्रमाणित और सच्चे हैं, जिससे यह पुस्तक अधिक विश्वसनीय बनती है। इस प्रकार, यह पाठ चिंता और उसके निवारण के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *