सुश्रुत संहिता | Shushrut Sanhita by


दो शब्द :

इस पाठ में विभिन्न चिकित्सा और शारीरिक अंगों के लक्षणों, रोगों, और उनकी चिकित्सा विधियों का वर्णन किया गया है। इसमें विभिन्न प्रकार के रोगों जैसे सुखरोग, पित्तज, कफज, रक्तज, और अन्य उपद्रवों के निदान और उपचार का विवरण दिया गया है। पाठ में गर्भधारण, गर्भ की वृद्धि और गर्भ के विकास से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई है। इसके अलावा, शरीर के विभिन्न अंगों और तंत्रों की उत्पत्ति, उनके कार्य, और उनके स्वास्थ्य के लिए आवश्यक उपायों का उल्लेख किया गया है। इसमें चिकित्सा के लिए आवश्यक नियम, निदान के तरीके, और रोगों की पहचान के विभिन्न तरीकों का विवरण प्रस्तुत किया गया है। शारीरिक संरचना, उसकी कार्यप्रणाली और उसमें आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का भी उल्लेख किया गया है। कुल मिलाकर, यह पाठ चिकित्सा और स्वास्थ्य से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारी और ज्ञान प्रदान करता है, जिससे पाठक को शरीर और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए उपयोगी जानकारी मिलती है।


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