साहित्य दर्पण | Sahitya Darpan

- श्रेणी: काव्य / Poetry हिंदी / Hindi
- लेखक: सत्यव्रतसिंह - Satyavratsingh
- पृष्ठ : 987
- साइज: 39 MB
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दो शब्द :
यह पाठ भारतीय साहित्य पर आधारित एक महत्वपूर्ण कृति "साहित्यदर्पण" की समीक्षा और उसके महत्व को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि यह कृति उच्चतम ज्ञान, विज्ञान, कला, और साहित्य को प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक है। लेखक ने इस बात पर जोर दिया है कि भारतीय भाषाओं में रचित साहित्य को हिंदी में प्रस्तुत करना अनिवार्य है, ताकि संस्कृत साहित्य और अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथों का सही रूप से अनुवाद और व्याख्या हो सके। पाठ में डॉ. सत्यनारायण सिंह की भूमिका और उनके कार्यों का उल्लेख किया गया है, जिन्होंने "साहित्यदर्पण" का अनुवाद और व्याख्या की है। यह कृति न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा को समझने में भी सहायक है। पाठ में "साहित्यदर्पण" के विभिन्न परिच्छेदों का संक्षिप्त विवेचन किया गया है, जिसमें काव्य की परिभाषा, रस, व्यंजना, और अलंकारों पर चर्चा की गई है। यह स्पष्ट किया गया है कि "साहित्यदर्पण" में प्रस्तुत विचार न केवल साहित्यिक हैं, बल्कि वे काव्य की गहन समझ को भी दर्शाते हैं। अंत में, लेखक ने पाठकों को इस कृति के अध्ययन की सलाह दी है, ताकि वे काव्य और साहित्य की गहनता को समझ सकें। यह लेख भारतीय साहित्य के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो साहित्य की विभिन्न शैलियों और उनके अर्थ को स्पष्ट करता है।
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