व्यावहारिक विज्ञान | Behavioural Science

- श्रेणी: मनोवैज्ञानिक / Psychological विज्ञान / Science शिक्षा / Education
- लेखक: डॉ. पद्मा अग्रवाल - Dr. Padma Agarwal
- पृष्ठ : 218
- साइज: 19 MB
- वर्ष: 1952
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दो शब्द :
इस पाठ में डॉ. पौद्मा अग्रवाल की नई पुस्तक "व्यावहारिक मनोविज्ञान" के बारे में चर्चा की गई है। लेखक, भी. ला. आजन्रेय, उनकी पहली पुस्तक "मनोविश्लेषण और मानसिक क्रियाएँ" की प्रशंसा करते हैं और इस बात का उल्लेख करते हैं कि उनकी नई रचना विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होगी। लेखक बताते हैं कि हिंदी में पहले से कुछ साधारण मनोविज्ञान की पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन मनोविज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रयोग पर कोई पुस्तक नहीं थी। उन्होंने अपनी नई पुस्तक के माध्यम से शिक्षा, उपचार, अपराध और उद्योग में मनोविज्ञान के सिद्धांतों के उपयोग की चर्चा की है, जिससे लोग अपने जीवन को समृद्ध बना सकें। इस पुस्तक में व्यावहारिक मनोविज्ञान के सिद्धांतों का उपयोग कैसे किया जा सकता है, इस पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेखक ने बताया कि व्यावहारिक मनोविज्ञान की समस्या व्यक्तियों के भिन्न स्वभाव, बुद्धि और रुचियों के अनुसार उपयुक्त शिक्षा और वातावरण का सामंजस्य स्थापित करना है। व्यावहारिक मनोविज्ञान, सामान्य मनोविज्ञान का एक हिस्सा है, जो जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का उपयोग करता है। यह पाठ विभिन्न मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के व्यावहारिक उपयोग पर प्रकाश डालता है और यह दर्शाता है कि कैसे मनोविज्ञान का ज्ञान व्यक्ति के विकास और सामाजिक समृद्धि में सहायक हो सकता है। इस प्रकार, यह पुस्तक न केवल मनोविज्ञान के सिद्धांतों को प्रस्तुत करती है, बल्कि उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर भी जोर देती है, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों को लाभ हो सके।
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