हिंदी व्याकरण | Hindi Grammer

- श्रेणी: पाठ्यपुस्तक / Textbook भाषा / Language साहित्य / Literature
- लेखक: पं. कामताप्रसाद गुरु - Pt. Kamtaprasad Guru
- पृष्ठ : 696
- साइज: 21 MB
- वर्ष: 1927
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दो शब्द :
यह पाठ हिंदी व्याकरण की रचना और इसके इतिहास पर केंद्रित है। लेखक, पं. कामता प्रसाद, ने काशी नागरी प्रचारिणी सभा के सहयोग से इस व्याकरण को लिखा है। इस पुस्तक की रचना में पहले के व्याकरणों और विभिन्न भाषाओं के व्याकरणों से सहायता ली गई है। विशेष रूप से, लेखक ने दासले के "शास्त्रीय मराठी व्याकरण" और अन्य स्रोतों से कई नियम और उदाहरण लिए हैं। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि हिंदी व्याकरण का उद्देश्य भाषा के सभी शिष्ट रूपों और प्रयोगों का विवेचन करना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि हिंदी व्याकरण का प्रारंभिक इतिहास स्पष्ट नहीं है, और पहले हिंदी व्याकरण की रचना का श्रेय अंग्रेजों को दिया गया है। उन्होंने विभिन्न लेखकों और उनके योगदान का उल्लेख किया है, जैसे कि डा. ग्रिल्लक्राइस्ट और लल्लुजी लाल, जिन्होंने हिंदी व्याकरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पुस्तक में व्याकरण के नियमों को स्पष्टता और सरलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने यह भी बताया है कि व्याकरण की आवश्यकता भाषा की स्थिरता और उसकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। अंत में, उन्होंने यह भी कहा है कि व्याकरण की रचना केवल साहित्यिक हिंदी से संबंधित है, और यह पुस्तक हिंदी के व्याकरण के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान है।
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