औषधि कोषा भाग-१ | Aaushidi kosha part 1

By: शिव शंकर - Shiv Shankar
औषधि कोषा भाग-१ | Aaushidi kosha part 1 by


दो शब्द :

इस पाठ में प्राचीन भारतीय चिकित्सा प्रणाली, विशेष रूप से आयुर्वेद के विभिन्न ग्रंथों और उनके महत्व पर चर्चा की गई है। इसमें आयुर्वेद के विभिन्न दवाओं, उनके वर्गीकरण और चिकित्सा विधियों का उल्लेख है। पाठ में बताया गया है कि औषधियों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: जंगम, उद्भिज और पाथिव। जंगम में जीवित स्रोतों से प्राप्त औषधियाँ आती हैं, जबकि उद्भिज में पौधों से प्राप्त औषधियाँ शामिल हैं और पाथिव में खनिज पदार्थों का उपयोग होता है। इसके अलावा, पाठ में विभिन्न औषधियों के उपयोग और उनके उपचारात्मक गुणों के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसमें विशेष रूप से यह बताया गया है कि कैसे विभिन्न औषधियों का संयोजन रोगों के उपचार में सहायक होता है और किस प्रकार से ये औषधियाँ विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज कर सकती हैं। पाठ में आयुर्वेद के शास्त्रीय ग्रंथों का भी उल्लेख है, जो इस चिकित्सा प्रणाली की गहराई और समृद्धता को दर्शाते हैं। यह संपूर्णता में एक समृद्ध चिकित्सा परंपरा का परिचायक है, जो प्राचीन काल से लेकर आज तक मानवता के कल्याण में योगदान दे रही है।


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