बृहद विशाल सामुद्रिक विज्ञान | vrihad vishal samudrik vigyan

By: राजेश दीक्षित - Rajesh Dikshit
बृहद विशाल सामुद्रिक विज्ञान | vrihad vishal samudrik vigyan by


दो शब्द :

यह पाठ "बृहद् विशाल सामुद्रिक विज्ञान" की दूसरी जिल्द का परिचय और सारांश प्रस्तुत करता है। इसमें स्वास्थ्य रेखा, प्रभाव रेखाएं, हस्त चिह्न विचार, शरीर लक्षण विज्ञान, और स्त्री सामुद्रिक जैसे प्रमुख विषयों पर आधारित ग्रंथों की जानकारी दी गई है। प्रत्येक विषय के अंतर्गत संबंधित चित्र और पृष्ठ संख्या भी प्रदान की गई है। पुस्तक में कुल 7724 पृष्ठ और 2596 चित्र शामिल हैं। लेखक ने यह बताया है कि यह ग्रंथ भारतीय और पश्चिमी विद्वानों के विचारों का संकलन है, जो हस्त रेखा और शरीर लक्षण विज्ञान पर आधारित है। इसमें विभिन्न रेखाओं का विस्तृत वर्णन है, जैसे कि स्वास्थ्य रेखा, जीवन रेखा, मस्तक रेखा, आदि। पाठ में स्वास्थ्य रेखा के प्रभाव और उसकी स्थिति को समझाने के लिए प्राच्य और पाश्चात्य दृष्टिकोण का विवेचन किया गया है। स्वास्थ्य रेखा की स्थिति और उसके प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि यह रेखा व्यक्ति के स्वास्थ्य और अन्य जीवन स्थितियों से संबंधित होती है। प्राच्य विद्वानों के अनुसार, यह रेखा भाग्य रेखाओं में शामिल होती है, जबकि पश्चिमी विद्वानों ने इसके प्रभाव को अधिक विस्तार से समझाया है। पुस्तक में स्वास्थ्य रेखा के विभिन्न प्रारंभिक स्थानों, जैसे चंद्र क्षेत्र, जीवन रेखा, और भाग्य रेखा से इसके आरंभ होने पर उसके प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। स्वास्थ्य रेखा का स्पष्ट, दीर्घ और स्वस्थ होना व्यक्ति के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत माना गया है। इस प्रकार, पाठ में 'बृहद् विशाल सामुद्रिक विज्ञान' की महत्वपूर्ण जानकारी और स्वास्थ्य रेखा के अध्ययन की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की गई है।


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