युवाओं के लिए बुद्ध | Yuvao ke liye buddh

- श्रेणी: Speech and Updesh | भाषण और उपदेश ज्ञान विधा / gyan vidhya ज्योतिष / Astrology धार्मिक / Religious बौद्ध / Buddhism
- लेखक: एस. भट्टाचार्य - S. Bhattacharya मधुकर - Madhukar
- पृष्ठ : 56
- साइज: 3 MB
- वर्ष: 1998
-
-
Share Now:
दो शब्द :
यह पाठ बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों और उनके महत्व पर केंद्रित है। लेखक ने इस पुस्तक का उद्देश्य युवाओं को बुद्ध के विचारों और जीवन के अनुभवों से अवगत कराना बताया है। बुद्ध के जीवन की घटनाओं को समझने के लिए, लेखक ने बुद्ध के वचनों को प्राथमिकता दी है, क्योंकि ये उनके संदेश का मूल स्रोत हैं। गौतम बुद्ध का जन्म शाक्य वंश में हुआ था और उनका जीवन प्रारंभिक अवस्था में सुख-सुविधाओं से भरा था। लेकिन जब वह 29 वर्ष के हुए, तो उन्होंने बुढ़ापे, बीमारी और मृत्यु के बारे में जानकर एक गहन मानसिक संघर्ष का सामना किया। यह अनुभव उन्हें जीवन के वास्तविक संघर्षों से अवगत कराया। इसके बाद, उन्होंने गृहस्थ जीवन से त्याग करते हुए संन्यास लेने का निर्णय लिया, ताकि वे जीवन के दुखों से मुक्ति का मार्ग खोज सकें। पाठ में बुद्ध के बचपन, उनके परिवार, और उनके जीवन के प्रारंभिक वर्षों की जानकारी दी गई है। लेखक ने यह भी बताया है कि बुद्ध ने अपनी शिक्षा और ज्ञान को आम लोगों की भाषा में साझा किया, जिससे उनके विचार अधिक लोगों तक पहुंच सके। इस प्रकार, पाठ का सार यह है कि बुद्ध का जीवन और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं, विशेष रूप से युवाओं के लिए, जो जीवन के उद्देश्य और उसके कष्टों के बारे में समझना चाहते हैं। बुद्ध का संदेश यह है कि व्यक्ति को अपने विचारों और अनुभवों के माध्यम से स्वयं को समझने और जीवन की सच्चाइयों को स्वीकार करने की आवश्यकता है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.