रस तंत्र सार व् सीध प्रयोग संग्रह खंड-१ | Ras Tantra Sar V Sidh Prayog Sangrah Khand-1

- श्रेणी: Magic and Tantra mantra | जादू और तंत्र मंत्र टोटके / Totake विज्ञान / Science
- लेखक: कृष्ण गोपाल - Krishnan Gopal ठाकुर नाथू सिंह - Thakur Nathu Singh
- पृष्ठ : 798
- साइज: 38 MB
- वर्ष: 1951
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दो शब्द :
इस पाठ में आयुर्वेदिक चिकित्सा और इसके महत्व के बारे में चर्चा की गई है। लेखक ने आयुर्वेद को भारतीय चिकित्सा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है, जिसमें प्राकृतिक औषधियों का उपयोग करके रोगों का उपचार किया जाता है। पाठ में आयुर्वेद के सिद्धांतों और ग्रंथों का उल्लेख है, जैसे चरक संहिता और सुश्रुत संहिता, जिनमें चिकित्सा संबंधी ज्ञान प्रदान किया गया है। लेखक का मानना है कि आयुर्वेदिक औषधियाँ स्थानीय लोगों के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी होती हैं, और यह उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती हैं। लेखक ने आधुनिक चिकित्सा के मुकाबले आयुर्वेद की विशेषताओं को उजागर किया है और यह भी बताया है कि किस प्रकार आयुर्वेदिक ज्ञान को संकलित किया गया है ताकि इसे सरलता से समझा जा सके। इस ग्रंथ का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों को आयुर्वेद के बारे में जानकारी प्रदान करना और इसकी उपयोगिता को उजागर करना है। लेखक ने यह भी उल्लेख किया कि इस ग्रंथ की विभिन्न संस्करण प्रकाशित किए गए हैं और यह लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं। अंत में, लेखक ने पाठकों से निवेदन किया है कि वे किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा करें, क्योंकि लेखन में कभी-कभी चूक हो सकती है, और उन्होंने पाठकों को सुझाव दिया है कि वे अपने अनुभव और ज्ञान साझा करें ताकि भविष्य में और अच्छे संस्करण प्रकाशित किए जा सकें।
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