प्राकृतिक चिकित्सा | Prakratik Chikitsa

By: रामगोपाल शर्मा - Ramgopal Sharma
प्राकृतिक चिकित्सा | Prakratik Chikitsa by


दो शब्द :

इस पाठ में प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व और औषधियों के उपयोग पर विचार किया गया है। लेखक ने प्राकृतिक उपचारों की प्रशंसा की है, यह बताते हुए कि कई जीव-जंतु बिना औषधियों के ही स्वस्थ रहते हैं। उन्हें विश्वास है कि प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से मनुष्य भी स्वास्थ्य को बनाए रख सकता है। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि दवाओं के विज्ञापन और नए औषधियों का विकास केवल आर्थिक लाभ के लिए किया जाता है, जबकि वास्तव में प्राकृतिक चिकित्सा अधिक प्रभावी हो सकती है। लेखक का कहना है कि दवाओं के इस्तेमाल से अक्सर नए रोग उत्पन्न होते हैं और यह एक चक्र बन जाता है। इस संदर्भ में, लेखक ने विभिन्न प्राकृतिक चिकित्सा विधियों का उल्लेख किया है, जैसे उपवास, योग, और दूध चिकित्सा, जो कि स्वास्थ्य को सुधारने में सहायक हो सकती हैं। पाठ का मुख्य संदेश यह है कि प्राकृतिक उपचारों पर विश्वास करना और उनका पालन करना मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभदायक है, बजाय इसके कि वह केवल औषधियों पर निर्भर रहे। अंत में, लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से न केवल रोगों का उपचार संभव है, बल्कि यह शरीर की शक्ति और स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है।


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