संगीत राग दर्शन भाग १ | Sangeet rag Darshan Part 1

By: श्री वसंत वामन ठकार - Shri Vasant Vaman Thkar
संगीत राग दर्शन भाग १ | Sangeet rag Darshan Part 1 by


दो शब्द :

"संगीत राग-दर्शन" की यह पुस्तक संगीत प्रेमियों और विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। इसका संपादन श्री वसंत वामन ठकार द्वारा किया गया है, और यह 1951 में संशोधित तथा परिवर्धित संस्करण के रूप में प्रस्तुत की गई है। इसमें विभिन्न रागों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है, जैसे राग का लक्षण, स्वर विस्तार, और तानों का संग्रह। पुस्तक में कुल 19 रागों का समावेश किया गया है, जिनमें से लगभग 120 गीत शामिल हैं, जैसे सरगम, ख्याल, ठुमरी, भजन आदि। इस पुस्तक का उद्देश्य प्राचीन और आधुनिक संगीत साहित्य का प्रकाशन करना और संगीत के सिद्धांतों के अनुसार क्रमिक पुस्तकें तैयार करना है। इसमें रागों का तुलनात्मक विवरण भी दिया गया है, जिससे पाठकों को रागों की विविधता और उनके विशेषताओं को समझने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, कुछ महत्वपूर्ण संगीत रचनाओं और गीतों को भी शामिल किया गया है, जो पाठकों को संगीत के प्रति और आकर्षित करते हैं। संगीत के विभिन्न तालों का परिचय भी पुस्तक में शामिल है, जिसमें तालों की मात्रा, विभाग और बोलों का विस्तृत विवरण दिया गया है। पुस्तक में दिए गए अलंकार अभ्यास से संगीत के अध्ययन को और सुगम बनाया गया है। कुल मिलाकर, "संगीत राग-दर्शन" संगीत शिक्षा के लिए एक उपयुक्त और समृद्ध स्रोत है, जो संगीत के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से प्रस्तुत करता है।


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