पदार्थ विज्ञानं | material science

By: जिनेन्द्र वर्णी - Jinendra Varni
पदार्थ विज्ञानं | material science by


दो शब्द :

इस पाठ में जिनेन्द्र वर्णी के जीवन और उनके द्वारा रचित "जैनेन्द्र प्रमाण कोष" की चर्चा की गई है। जिनेन्द्र वर्णी का जन्म 14 मई 1922 को पानीपत में हुआ। उन्होंने अपने जीवन में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना किया, लेकिन उन्होंने धर्म की ओर मुड़ने के बाद शास्त्रों का गहन अध्ययन शुरू किया। उनका अध्ययन 1958 में एक बार फिर से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने 13-14 घंटे प्रति दिन अध्ययन किया और अंत में 40 किलो प्रमाण एकत्र किए। उन्होंने इस ज्ञान को व्यवस्थित करने के लिए "जैनेन्द्र प्रमाण कोष" की रचना की, जो आठ खंडों में विभाजित थी। प्रकाशन का प्रयास 1960 में शुरू हुआ, लेकिन इसे कई बार स्थगित किया गया। अंततः 1964 में, उन्होंने इसे एक नए रूप में "जैनेन्द्र सिद्धान्त कोष" के नाम से प्रकाशित किया। यह पुस्तक केवल शब्दकोश नहीं है, बल्कि जैन दर्शन के सिद्धांतों का संपूर्ण ज्ञान प्रदान करती है। लेखक ने बिना किसी बाहरी सहायता के इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा किया, जो उनके अद्वितीय समर्पण और भक्ति को दर्शाता है। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को जैन दर्शन के सिद्धांतों से अवगत कराना और उन्हें सरल भाषा में प्रस्तुत करना है, ताकि सभी लोग इसे आसानी से समझ सकें। इस प्रकार, यह पाठ जिनेन्द्र वर्णी की जीवन यात्रा, उनके कार्य और जैन दर्शन के प्रति उनके योगदान को दर्शाता है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *