सूर्य चिकित्सा विज्ञान | surya Chikitsa Vigyan

- श्रेणी: Aushadhi | औषधि Ayurveda | आयुर्वेद रोग / disease
- लेखक: अज्ञात - Unknown
- पृष्ठ : 52
- साइज: 2 MB
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दो शब्द :
इस पाठ में सूर्य की महिमा और उसकी किरणों के स्वास्थ्य पर प्रभाव का वर्णन किया गया है। सूर्य को संसार की आत्मा माना गया है, और इसके बिना जीवन का अस्तित्व असंभव है। सूर्य की किरणें जीवन के लिए आवश्यक हैं, क्योंकि वे पौधों की वृद्धि और हमारे शरीर की ऊर्जा के लिए आवश्यक होती हैं। पाठ में यह भी बताया गया है कि सूर्य की किरणों से अनेक रोगों का नाश किया जा सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, जो सूर्य की रोशनी में रहते हैं, वे अधिक स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त होते हैं, जबकि शहरी लोग, जो छाया में रहते हैं, अधिक बीमारियों का सामना करते हैं। सूर्य की किरणों में अद्भुत औषधीय गुण होते हैं, और कई चिकित्सक इसे रोगों के इलाज के लिए उपयोग करते हैं। पाठ में विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चर्चा की गई है, जैसे तपेदिक, रक्तदोष, और अन्य रोग, जिनका इलाज सूर्य की किरणों द्वारा किया जा सकता है। इसके अलावा, पाठ में रंग चिकित्सा का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें बताया गया है कि शरीर की विभिन्न बीमारियों के लिए विभिन्न रंगों की किरणों का उपयोग किया जाता है। जैसे नीला रंग गर्मी को कम करता है, जबकि लाल रंग ऊर्जा और उत्तेजना प्रदान करता है। अंत में, पाठ में यह सलाह दी गई है कि हमें नियमित रूप से सूर्य की रोशनी का सेवन करना चाहिए, ताकि हम स्वस्थ रह सकें और बीमारियों से दूर रह सकें। सूर्य के प्रति सम्मान और उसकी उपासना को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
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