भारतीय ज्योतिष | Bhartiya Jyotish

By: डॉ नेमिचंद्र शास्त्री - Dr. Nemichandra Shastri


दो शब्द :

यह पाठ एक जैन उत्सव की सजीव चित्रण है जिसमें भव्य जैनालयों की सजावट, भीड़, और देववाणी का वर्णन है। लेखक ने उस दिन की विशेषता को बताते हुए कहा कि सभी लोग उत्सव में शामिल होने के लिए जमा हुए थे, और वातावरण में एक दिव्य अलौकिकता थी। लेखक ने इस अवसर पर एक निबंध पढ़ा जिसमें लाइब्रेरियन की भूमिका और ज्ञान के महत्व पर चर्चा की गई थी, जिसने उनके मन में आत्मचिंतन का प्रसंग उत्पन्न किया। रात में, लेखक ने अपने मित्र से विचार साझा किए और उनके द्वारा प्राप्त प्रेरणा से उन्होंने भारतीय ज्योतिष पर लिखने का संकल्प लिया। उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ समय तक वे लिखने में संलग्न रहे और इस कार्य में उन्हें कई विद्वानों से सहायता मिली। अंततः, उनके परिश्रम से पुस्तक का निर्माण हुआ, जिसे उन्होंने प्रसिद्ध विद्वानों के पास समीक्षा के लिए भेजा। पुस्तक के प्रकाशन में उनके सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए लेखक ने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि पुस्तक के विषय में पाठकों का अपना निर्णय महत्वपूर्ण है। अंत में, लेखक ने विभिन्न विद्वानों और उनके योगदान को मान्यता देते हुए, अपने इस ज्ञान के मार्ग में साथ देने वाले सभी का आभार व्यक्त किया।


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