मनोविश्लेषण | psychoanalysis

By: देवेन्द्र कुमार - Devendra Kumar


दो शब्द :

पाठ "माय दस रुपये" का सारांश इस प्रकार है: सिगमंड फ्रायड ने मनोविश्लेषण के माध्यम से मन और अचेतन के रहस्यों को उजागर किया। उनका कार्य चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया और उन्होंने कई मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया। फ्रायड का जन्म 1856 में चेकोस्लोवाकिया में हुआ। उन्होंने चिकित्सा की शिक्षा ली, लेकिन उन्हें मनोविज्ञान में गहरी रुचि थी। फ्रायड ने स्नायु-रोगों पर ध्यान केंद्रित किया और सम्मोहन के माध्यम से इलाज किया, लेकिन उन्हें जल्दी ही पता चला कि यह स्थायी नहीं था। इसके बाद उन्होंने मनोविश्लेषण की विधि विकसित की, जो स्वप्न, इच्छाएं और अचेतन मन के विचारों पर केंद्रित थी। उनके सिद्धांतों ने शिक्षा और चिकित्सा में महत्वपूर्ण बदलाव किए। पाठ में फ्रायड के सिद्धांतों का विवरण दिया गया है, जैसे कि स्वप्नों का विश्लेषण, गलतियों का मनोविज्ञान और मनोविश्लेषण की चिकित्सा विधियाँ। फ्रायड ने कठिनाईयों को स्वीकार करते हुए अपने मरीजों को सच्चाई बताई कि यह एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। इस प्रकार, फ्रायड का कार्य मनोविज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने मानव मानसिकता के गहरे पहलुओं को समझने में मदद की।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *