फलितज्योतिष-विवेचनात्मक-बृहत्पराशर-समीक्षा | Falitjyotish - vivechnatmk -brihtaparashar- Samiksha

- श्रेणी: ज्योतिष / Astrology संस्कृत /sanskrit
- लेखक: गिरधारी लाल गोस्वामी - Girdharilal Goswami
- पृष्ठ : 555
- साइज: 8 MB
- वर्ष: 1974
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दो शब्द :
यह पाठ ज्योतिष और फलित ज्योतिष के विषय में है। इसमें गोस्वामी जीवनदासजी और श्रीमती लक्ष्मी देवी के योगदान का उल्लेख किया गया है। फलित ज्योतिष, जो कि ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, में भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। पाठ का उद्देश्य ज्योतिष विज्ञान के सिद्धांतों और उनकी व्याख्या को समझाना है। इसमें पाराशर ग्रंथ की समीक्षा भी की गई है, जो कि एक प्रमुख ज्योतिष ग्रंथ है। इस ग्रंथ में विभिन्न ज्योतिषीय तकनीकों और उनके उपयोग के बारे में बताया गया है। लेखक ने इस क्षेत्र में गहरी जानकारी और शोध प्रस्तुत किया है, जो पाठकों को ज्योतिष की बारीकियों को समझने में मदद करेगा। इसके अलावा, इसमें स्वास्थ्य और परिवार नियोजन जैसे विषयों का भी उल्लेख है, जो ज्योतिष के साथ जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, यह पाठ ज्योतिष के सिद्धांतों, उनकी प्रासंगिकता और उपयोगिता पर केंद्रित है, और इसमें ज्ञान के विस्तार के लिए विभिन्न स्रोतों और विधियों का उल्लेख किया गया है।
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