सत्यार्थ प्रकाश | Styarth prakash

- श्रेणी: Cultural Studies | सभ्यता और संस्कृति ज्ञान विधा / gyan vidhya दार्शनिक, तत्त्वज्ञान और नीति | Philosophy धार्मिक / Religious शिक्षा / Education सामाजिक कौशल/social skills हिंदू - Hinduism
- लेखक: दयानंद सरस्वती - Dayanand Saraswati
- पृष्ठ : 448
- साइज: 12 MB
- वर्ष: 1952
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दो शब्द :
इस पाठ में परमेश्वर के विभिन्न नामों और उनके अर्थों पर चर्चा की गई है। पाठ में यह बताया गया है कि परमेश्वर का सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ होने का गुण उन नामों के माध्यम से प्रकट होता है। विभिन्न शुद्ध धातुओं के आधार पर नामों की व्याख्या की गई है, जैसे "सदिता" का अर्थ है जो सब जीवों की उत्पत्ति करता है और "देव" का अर्थ है जो आनंद का संचार करता है। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि परमेश्वर के नामों के माध्यम से उनकी विशेषताओं और गुणों को समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए, "सदिता" नाम से यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर सभी जीवों का सृजन करता है, जबकि "देव" नाम से यह स्पष्ट होता है कि वह आनंद का स्रोत है। इस प्रकार, पाठ में परमेश्वर के नामों के महत्व और उनके अर्थों के माध्यम से उनके दिव्य गुणों का वर्णन किया गया है, जिससे भक्तों को उनके प्रति श्रद्धा और भक्ति की भावना विकसित करने में मदद मिलती है।
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