अनुभूत योग संग्रह (भाग-२) | Anubhut Yog Sangrah (bhag-2)

By: अमोलक चन्द्र शुक्ला - Amolak Chandra Shukla
अनुभूत योग संग्रह (भाग-२) | Anubhut Yog Sangrah (bhag-2) by


दो शब्द :

इस पाठ में "देहाती अनुभूत योग संग्रह" का विवरण और उद्देश्य प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए है जो नौकरी या व्यवसाय में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और जीवन में सुख और समृद्धि की खोज कर रहे हैं। लेखक ने पाठकों को आश्वस्त किया है कि इस पुस्तक में दिए गए योगों और उपचारों के माध्यम से वे अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं और जीवन को सार्थक बना सकते हैं। पुस्तक के प्रकाशक ने पहले संस्करण की सफलता का उल्लेख किया है और पाठकों से आग्रह किया है कि वे इन योगों का प्रचार करें ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। पाठ में विभिन्न प्रकार के योग और उपचार दिए गए हैं, जो विभिन्न रोगों और शारीरिक समस्याओं के लिए उपयोगी हैं। इनमें से कुछ विशेष उपायों को भी साझा किया गया है, जो गंभीर बीमारियों से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं। लेखक ने यह भी बताया है कि उनके पास कुछ हस्तलिखित योग हैं, जिन्हें अनुभवी चिकित्सकों से प्राप्त किया गया है। पाठ में विभिन्न रोगों के लिए उपचार विधियों का उल्लेख किया गया है, जैसे आधाशीशी दर्द, वात पीड़ा, और उन्माद रोग आदि। इसके अलावा, पाठ में कुछ विशेष चिकित्सा उपायों का भी उल्लेख किया गया है, जो सरल और प्रभावी हैं। कुल मिलाकर, यह पाठ एक चिकित्सीय संदर्भ प्रदान करता है, जिसमें प्राचीन योग और प्राकृतिक उपचारों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य और सुख की दिशा में मार्गदर्शन किया गया है।


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