श्री कबीरभजनमाला | Shree Kabir Bhajan Mala

- श्रेणी: Vedanta and Spirituality | वेदांत और आध्यात्मिकता काव्य / Poetry धार्मिक / Religious भक्ति/ bhakti साहित्य / Literature
- लेखक: खेमराज श्री कृष्णदास - Khemraj Shri Krishnadas
- पृष्ठ : 147
- साइज: 9 MB
- वर्ष: 1928
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दो शब्द :
यह पाठ "श्री कबीर भजनमाला" का परिचय और महत्व प्रस्तुत करता है। इसे महोपदेशक महन्त शंभूदास जी कबीर पंथी द्वारा इंदौर में संकलित किया गया है। इस पुस्तक का उद्देश्य भक्तों के बीच कबीर के भजनों को प्रसारित करना है, ताकि लोग भक्ति तथा ध्यान के माध्यम से अपने मन को नियंत्रित कर सकें। पुस्तक में विभिन्न भजनों का संग्रह है, जिनमें साधु और महात्माओं द्वारा गाए गए भजन शामिल हैं। ये भजन जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे भक्ति, ज्ञान, और मोक्ष की प्राप्ति पर केंद्रित हैं। पाठ में बताया गया है कि भजन सुनने और गाने से व्यक्ति का मन शांत होता है और वह ध्यान की अवस्था में पहुंचता है। इसमें साधु महात्माओं की शिक्षाएं भी शामिल हैं, जो संसार के दुखों और मायाजाल से छुटकारा पाने के लिए ध्यान और भक्ति की ओर प्रेरित करती हैं। पाठ का सार यह है कि साधना, भक्ति, और गुरु की कृपा से ही आत्मज्ञान एवं मुक्ति की प्राप्ति संभव है। इस प्रकार, यह पाठ कबीर के भजनों के माध्यम से भक्ति और ध्यान की महत्ता को उजागर करता है और पाठकों को आत्मिक उन्नति के लिए प्रेरित करता है।
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