आर्य संगीत रामायण | Arya Sangeet Ramayan

By: सरदार यशवंत सिंह वर्मा - Sardar Yashwant Singh Verma


दो शब्द :

इस पाठ में संगीत रामायण का एक नाटक प्रस्तुत किया गया है, जिसमें राजा दशरथ के पुत्रों के नामकरण संस्कार का वर्णन है। राजा दशरथ अपने राजकुमारों के जन्म के अवसर पर खुशी व्यक्त कर रहे हैं और इस दिन को विशेष मानते हैं। वह अपने गुरु वशिष्ठ से नामकरण संस्कार कराने के लिए कहते हैं। वशिष्ठ जी चारों राजकुमारों के नाम रखते हैं: रामचन्द्र, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। पाठ में यह भी बताया गया है कि नामकरण संस्कार का महत्व है और कैसे पहले के समय में लोगों के नाम उनके गुणों और जाति के अनुसार रखे जाते थे। इसके साथ ही, आधुनिक समय में नामों में कमी और विकृति पर भी चर्चा की गई है, जिसमें बताया गया है कि कुछ नाम समाज में नकारात्मक अर्थ रखते हैं। राजा दशरथ की खुशी और संतोष का वर्णन करते हुए, पाठ में यह भी दर्शाया गया है कि किस प्रकार ईश्वर का धन्यवाद किया जा रहा है और खुशी के इस मौके पर समाज के लोगों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। राजा के आदेश पर पूरे शहर में खुशी और रोशनी का माहौल बनाने का उल्लेख भी किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ एक धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जिसमें परिवार, समाज और परंपराओं का समावेश है।


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