हिंदी साहित्य का बृहत इतिहास | Hindi Sahitya Ka Varihat Itihas

- श्रेणी: इतिहास / History भारत / India संस्कृत /sanskrit हिंदी / Hindi
- लेखक: राहुल सांकृत्यायन - Rahul Sankrityayan
- पृष्ठ : 979
- साइज: 33 MB
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दो शब्द :
इस पाठ में हिंदी साहित्य के बृहत् इतिहास का प्रकाशन और उसकी योजना का वर्णन किया गया है। नागरीप्रचारिणी सभा, काशी ने हिंदी साहित्य के इतिहास को संकलित करने की योजना बनाई है, जिसमें विभिन्न विद्वानों का योगदान शामिल है। यह इतिहास 17 भागों में प्रकाशित किया जाएगा और इसमें हिंदी साहित्य की विभिन्न धाराओं, आंदोलनों, प्रमुख कवियों और लेखकों का समावेश होगा। पाठ में यह भी बताया गया है कि हिंदी भाषा का लोकसाहित्य महत्वपूर्ण है और इसे इस इतिहास में उचित स्थान दिया गया है। लोकसाहित्य, जिसमें गीत, कहानियाँ और लोककथाएँ शामिल हैं, समाज के अनुभवों और भावनाओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके अध्ययन और विश्लेषण से हिंदी साहित्य का समग्र रूप समझा जा सकेगा। पाठ के अनुसार, हिंदी साहित्य का इतिहास केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानववादी दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसमें विभिन्न साहित्यिक प्रवृतियों का मूल्यांकन और उनके विकास की प्रक्रिया का उल्लेख किया जाएगा। इसके साथ ही, साहित्य के विभिन्न कालों के बीच संबंध और उनके प्रभावों का भी अध्ययन किया जाएगा। अंत में, हिंदी साहित्य के इस बृहत् इतिहास को प्रकाशित करने की योजना एक महत्वाकांक्षी प्रयास है, जो हिंदी साहित्य के अध्ययन को समृद्ध करेगा और इसके विकास को समझने में मदद करेगा।
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