भूत नाथ भाग १ | Bhut Nath Part I

- श्रेणी: उपन्यास / Upnyas-Novel कहानियाँ / Stories
- लेखक: अज्ञात - Unknown
- पृष्ठ :
- साइज: 10 MB
- वर्ष: 1996
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दो शब्द :
इस पाठ का मुख्य विषय भूतनाथ की जीवनी है, जिसे उपन्यास के रूप में लिखा गया है। लेखक ने अपने नाम के बारे में बताया है कि उनका असली नाम गदाघर्रासह था, लेकिन उन्होंने भूतनाथ नाम को अपनाया, जो अब प्रसिद्ध है। कहानी की शुरुआत एक गर्मी के दिन होती है, जब लेखक और एक अन्य पात्र एक पहाड़ी पर बैठे हुए हैं। दोनों पात्र, एक महिला और एक पुरुष, जो साधारण कपड़े पहनने के बावजूद विशेष दिखाई देते हैं, थके हुए और परेशान हैं। उनकी बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि वे किसी कारण से भाग रहे हैं और डर रहे हैं कि उनकी पहचान हो सकती है। महिला पात्र यह बताती है कि वे बहुत दूर निकल आए हैं, लेकिन उन्हें अपने मरे हुए घोड़ों के बारे में चिंता है। पुरुष पात्र कहता है कि वे जल्द ही किसी दूसरे राज्य की सीमा में पहुँच जाएंगे, जहाँ उन्हें कोई चिंता नहीं होगी। उनकी चर्चा में राजा सुरेन्द्रसिंह के राज्य की ओर जाने का इरादा प्रकट होता है, जिसे वे धर्मात्मा और न्यायी मानते हैं। यह संवाद उनके साहस और स्थिति को दर्शाता है, साथ ही उनके भविष्य की योजनाओं को भी। कहानी में डर और साहस का मिश्रण है, जो पाठक को आगे पढ़ने के लिए उत्सुक करता है। इस तरह, पाठ में भूतनाथ की जीवनी और उसके साहसिक कारनामों की ओर संकेत किया गया है।
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