ज्योतिष शिक्षक अथवा जातक केसरी | Jyotish Shikshak Athva Jatak Kesri

- श्रेणी: कहानियाँ / Stories ग्रह , नक्षत्र / grah nakshtra ज्योतिष / Astrology धार्मिक / Religious साधना /sadhana
- लेखक: पं. रगुनाथ शास्त्री - Pandit Ragunath Shastri
- पृष्ठ : 862
- साइज: 23 MB
- वर्ष: 1938
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दो शब्द :
यह पाठ ज्योतिष विज्ञान और उसके प्रचार-प्रसार के प्रयासों के बारे में है। इसमें उल्लेख किया गया है कि किस प्रकार ज्योतिष के अध्ययन और इसके शुद्ध पञ्चांग की व्यवस्था के लिए विभिन्न प्रयास किए गए हैं। लेख में लोकमान्य तिलक जैसे महान नेताओं का योगदान और उनकी प्रेरणा का उल्लेख है, जिन्होंने ज्योतिष के महत्व को समझा और उसके प्रचार में सहायता की। पाठ में बताया गया है कि कैसे पिछले 26 वर्षों में ज्योतिष के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। यह भी दर्शाया गया है कि कैसे विभिन्न ज्योतिष शिक्षण कार्यक्रमों और परिषदों का आयोजन किया गया, जिससे समाज में ज्योतिष के प्रति जागरूकता बढ़ी। इसके माध्यम से यह प्रयास किया गया कि आम जनता को ज्योतिष के लाभ और ज्ञान से अवगत कराया जाए। इसके अलावा, पाठ में यह भी बताया गया है कि ज्योतिष के इस अध्ययन के पीछे की सोच और उद्देश्य क्या हैं, और किस प्रकार संपूर्ण भारत में ज्योतिष की शिक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए कार्य किया जा रहा है। अंत में, पाठ में ज्योतिष के महत्व और उसकी प्राचीन परंपरा को बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है।
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