सुधानिधि जटिल रोग चिकित्सक | Sudhanidhi Jatil Rog Chikitsank

- श्रेणी: Aushadhi | औषधि Ayurveda | आयुर्वेद Homoeopathic and Medical Sciences | होमियोपैथिक और चिकित्सा रोग / disease
- लेखक: वैद्य देवीशरण गर्ग - Vaidh Devisharan Garag
- पृष्ठ : 515
- साइज: 32 MB
- वर्ष: 1960
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दो शब्द :
इस पाठ में चिकित्सा के महत्व और ज्ञान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। यह बताया गया है कि एक चिकित्सक को रोगों का सही ज्ञान होना आवश्यक है, अन्यथा उसका उपचार प्रभावशाली नहीं हो सकता। यदि चिकित्सक बिना रोग को ठीक से समझे उपचार करना शुरू करता है, तो उसकी सफलता संयोग पर निर्भर होती है। इसके विपरीत, यदि चिकित्सक रोग, औषधि, देश, काल और प्रमाण के बारे में जानकार है, तो उसकी सफलता निश्चित होती है। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेद के क्षेत्र में चिकित्सकों को विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार की जानकारी होनी चाहिए। विशेष रूप से जटिल रोगों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए 'जटिलरोग चिकित्सांक' नामक एक विशेषांक का प्रकाशन किया गया है। यह विशेषांक आयुर्वेद के विद्वानों के लेखों का संग्रह है और इसे पढ़ने से चिकित्सकों, विद्या छात्रों और आयुर्वेद प्रेमियों को लाभ होगा। अंत में, पाठ यह स्पष्ट करता है कि सही ज्ञान और समझ के बिना चिकित्सा करना मुश्किल है, और यह दर्शाता है कि आयुर्वेद में समर्पित अध्ययन और अनुसंधान की आवश्यकता है ताकि चिकित्सक विशेष रोगों के उपचार में दक्ष हो सकें।
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