मेरी तिब्बत यात्रा | Meri Tibbat Yatra

By: राहुल सांकृत्यायन - Rahul Sankrityayan


दो शब्द :

महापंडित राहुल सांकृत्यायन की "मेरी तिब्बत यात्रा" एक यात्रा वृत्तांत है जिसमें लेखक ने तिब्बत की अपनी यात्रा का अनुभव साझा किया है। यात्रा का आरंभ ल्हासा से होता है, जहाँ लेखक ने दो महीने और ग्यारह दिन बिताए। इस दौरान उन्होंने तिब्बती संस्कृति, भाषा, और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया और महत्वपूर्ण पुस्तकें भी खोजी। लेखक ने तिब्बत के विभिन्न स्थानों की यात्रा के लिए विशेष तैयारियाँ की, जिसमें साथी और सवारी के लिए व्यवस्था शामिल थी। यात्रा में उनके साथ एक फोटोग्राफर और अन्य साथी भी थे, जो उनके सुरक्षा के लिए आवश्यक थे। वे पहाड़ी रास्तों से होकर यात्रा करते हैं, जहाँ हरी घास और सुंदर दृश्यों का सामना करते हैं। लेखक ने यात्रा के दौरान तिब्बती लोगों, उनके जीवन, और वहाँ की सांस्कृतिक विशेषताओं का भी वर्णन किया। वे विभिन्न मठों और विद्या स्थलों पर गए, जहाँ उन्होंने वहाँ की धार्मिक परंपराओं का अध्ययन किया। यात्रा के दौरान लेखक को प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ तिब्बत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी अनुभव हुआ। यह पाठ तिब्बत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विविधताओं को उजागर करता है और लेखक की यात्रा के अनुभवों को जीवंतता से प्रस्तुत करता है।


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