आहार ही औषध | Aahar Hi Aushadh Hai

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद इतिहास / History
- लेखक: भवानी प्रसाद - Bhawani Prasad
- पृष्ठ : 214
- साइज: 10 MB
- वर्ष: 1946
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दो शब्द :
इस पाठ में दूध और फलों के स्वास्थ्य पर प्रभाव का वर्णन किया गया है। दूध को एक महत्वपूर्ण आहार माना गया है, जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। इसे खाली पेट पीना बेहतर होता है और दूध को अन्य खाद्य पदार्थों के साथ नहीं मिलाना चाहिए। दूध के कई फायदे हैं, जैसे कि यह कफ को ढीला करता है और ऊर्जा प्रदान करता है। वर्षा ऋतु में दूध का सेवन न करने की सलाह दी गई है, और यदि दूध पीने के बाद उल्टी या मितली महसूस हो, तो इसका मतलब है कि शरीर में अम्लता की कमी है, जिसे नींबू के रस से ठीक किया जा सकता है। फलों के बारे में बताया गया है कि ये न केवल भोजन के रूप में बल्कि औषधि के रूप में भी काम आते हैं। फल शरीर को ताजगी देते हैं और पाचन में सहायक होते हैं। विशेष रूप से नींबू, संतरा, सेब और अंगूर का उल्लेख किया गया है। नींबू का रस औषधीय गुणों से भरपूर है और इसे मधु के साथ मिलाकर पीना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। संतरे को शुद्धिकरण और पाचन में सहायक बताया गया है, जबकि सेब विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। अंगूर और मुनक्का भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, विशेषकर रक्त निर्माण और पाचन में। इन फलों का सेवन विभिन्न रोगों से बचाव और उपचार में सहायक होता है। पाठ का सार यह है कि दूध और फलों का सही उपयोग स्वास्थ्य को बनाए रखने और रोगों से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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