प्रारंभिक रचना अनुवाद कौमुदी | Prarambhik Rachana Anuvadh Koamudi

By: कपिलदेव द्विवेदी - Kapildev Dwivedi
प्रारंभिक रचना अनुवाद कौमुदी | Prarambhik Rachana Anuvadh Koamudi by


दो शब्द :

यह पुस्तक "प्रारम्भिक रचनानुवादकौमुदी" संस्कृत भाषा के प्रारम्भिक छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। इसके लेखक डॉ. कपिलदेव द्विवेदी ने इस पुस्तक को ऐसे छात्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिखा है जो संस्कृत भाषा को सरल और प्रभावी तरीके से सीखना चाहते हैं। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्र केवल 2-3 महीनों में सरल और शुद्ध संस्कृत लिखना और बोलना सीख सकें। इसमें व्याकरण के आवश्यक नियमों को शामिल किया गया है, जबकि अनावश्यक विवरणों को छोड़ दिया गया है। लेखक ने इस पुस्तक में नवीनतम वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग किया है, जो अन्य भाषाओं की शिक्षण विधियों से प्रेरित हैं। पुस्तक में कुल 30 अभ्यास दिए गए हैं, जिनमें प्रत्येक में 20 नए शब्द शामिल हैं, जिससे कुल 600 मूल शब्दों का अभ्यास कराया गया है। शब्दकोश को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है: संज्ञा, क्रिया, अव्यय और विशेषण। इस पुस्तक का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसे अत्यंत सरल और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है। छात्रों को केवल 2 घंटे प्रतिदिन देने पर 30 अभ्यासों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस पुस्तक में व्याकरण के सभी आवश्यक नियम, शब्दों के रूप, धातु-रूप, संधियों के नियम और प्रमुख प्रत्ययों को शामिल किया गया है, ताकि छात्र बिना किसी संकोच के संस्कृत लिख और बोल सकें। इस प्रकार, यह पुस्तक प्रारम्भिक संस्कृत छात्रों के लिए एक उपयोगी और आवश्यक संसाधन है।


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