दो शब्द :

"हैमलेट" एक महत्वपूर्ण नाटक है जिसे विलियम शेक्सपियर ने लिखा है। इस अनुवाद के माध्यम से, लेखक ने लगभग एक दशक की मेहनत के बाद इस नाटक को हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया है। अनुवादक ने पहले भी "मैकबेथ" और "ओथेलो" का सफलतापूर्वक अनुवाद किया है, लेकिन "हैमलेट" ने उन्हें अधिक चुनौती दी। अनुवादक ने इस नाटक के अनुवाद में बहुत समय और प्रयास लगाया, जिसमें उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि "हैमलेट" का पात्र उनके लिए एक गहरी चुनौती था, क्योंकि यह पात्र मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत जटिल है। लेखक ने इस नाटक के अनुवाद के दौरान अपने पाठकों को स्पष्ट किया है कि उन्होंने अनुवाद करते समय मूल सामग्री से स्वतंत्रता ली, लेकिन उन्होंने अपनी सीमाओं का भी ध्यान रखा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि अनुवाद में मूल भावना और विचारों को यथासंभव बनाए रखा जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे उन्होंने कुछ शब्दों का अनुवाद करते समय उचित बदलाव किए, ताकि पात्र की छवि विकृत न हो। इसके अलावा, लेखक ने यह भी कहा कि वे पाठकों के लिए नाटक को संपूर्णता में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं, चाहे वे मूल पाठ पढ़ें या अनुवादित पाठ। इस प्रकार, "हैमलेट" का यह अनुवाद न केवल शेक्सपियर के कार्य को हिंदी में लाने का एक प्रयास है, बल्कि यह एक गहन मानसिक संघर्ष का भी प्रतीक है, जिसे अनुवादक ने इस नाटक के माध्यम से व्यक्त किया है।


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