सर्वोदयी जैन तंत्र | Servodaye Jain Tantra

- श्रेणी: Cultural Studies | सभ्यता और संस्कृति Magic and Tantra mantra | जादू और तंत्र मंत्र ज्योतिष / Astrology धार्मिक / Religious
- लेखक: नंदलाल जैन - Nandlal Jain
- पृष्ठ : 103
- साइज: 3 MB
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दो शब्द :
"सर्वोदयी जैन तंत्र" डॉ. नंदलाल जैन द्वारा लिखा गया एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो जैन धर्म के मूल सिद्धांतों, इतिहास और आचारों को सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो जैन धर्म में नए हैं या जिन्होंने अभी तक इसे गहराई से नहीं समझा है। लेखक ने जैन तंत्र के सभी महत्वपूर्ण विषयों को समाहित किया है, जैसे सुख-दुख की परिभाषा, सम्यक दर्शन-ज्ञान-चरित्र, कर्म, और जैन सिद्धांतों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण। इस पुस्तक में जैन धर्म की विभिन्न विशेषताओं को एकीकृत रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह न केवल भारतीय पाठकों, बल्कि विदेशी पाठकों के लिए भी लाभकारी साबित होती है। लेखक ने जैन सिद्धांतों को गणितीय और वैज्ञानिक तरीके से समझाने का प्रयास किया है, जो अध्येताओं के लिए इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। पुस्तक की प्रस्तावना में बताया गया है कि यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी आवश्यक है। इसमें जैन धर्म के मौलिक सिद्धांतों को चित्रों और सारणियों के माध्यम से सरलता से समझाया गया है। इसकी सराहना करते हुए विभिन्न विद्वानों ने इसे जैन धर्म को समझने के लिए एक अद्वितीय पुस्तक बताया है, जो नई पीढ़ी को जैन सिद्धांतों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगी। लेखक की मेहनत और प्रयासों की प्रशंसा की गई है, और यह उम्मीद जताई गई है कि यह पुस्तक समाज में सकारात्मक प्रभाव डालेगी और जैन धर्म को एक वैश्विक पहचान दिलाएगी। अंततः, "सर्वोदयी जैन तंत्र" जैन धर्म के समग्र स्वरूप को प्रस्तुत करती है और इसे एक वैज्ञानिक और प्रभावी दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करती है।
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