कत्थक नृत्य | Kathak Nritya

By: प्रकाश नारायण - Prakash narayan


दो शब्द :

इस पाठ में "कथक नृत्य" पर एक पुस्तक का जिक्र किया गया है, जिसका लेखन अकारश नारायण ने किया है। पुस्तक में कथक नृत्य के शास्त्रीय और क्रियात्मक पक्षों का विस्तार से विवेचन किया गया है। लेखक ने इस पुस्तक के माध्यम से कथक नृत्य का इतिहास, जीवनियाँ, पारिभाषिक शब्द, नृत्य शैलियाँ, और घरानेदार बंदिशों का उल्लेख किया है। यह पुस्तक प्रयाग संगीत समिति की परीक्षाओं और अन्य समकक्ष परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जाती है। पुस्तक का महत्व इस बात में है कि पिछले पचास वर्षों में उत्तर भारत में शास्त्रीय संगीत का प्रचार-प्रसार हुआ है, लेकिन कथक नृत्य पर पर्याप्त साहित्य का अभाव था। पुस्तक में नृत्य के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जिससे नृत्य के छात्रों और विद्यार्थियों को शास्त्रीय ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलेगी। लेखक ने इस पुस्तक को लिखने में विभिन्न स्रोतों और कलाकारों से सहायता प्राप्त की है। पुस्तक में नृत्य के विभिन्न भेद, लय और ताल, पोशाक और मेकअप, और घरानेदार बंदिशें भी शामिल हैं। पाठ में उल्लेख किया गया है कि यह पुस्तक नृत्य शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाई जाने वाली पाठ्य सामग्री के लिए महत्वपूर्ण होगी। इस पुस्तक का उद्देश्य कथक नृत्य के छात्रों को नृत्य की क्रियात्मक और शास्त्रीय जानकारी प्रदान करना है, ताकि उन्हें इस कला के प्रति और अधिक समझ और सम्मान प्राप्त हो सके।


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