संगीत शास्त्र | Sangeet Shastra

- श्रेणी: Hindu Scriptures | हिंदू धर्मग्रंथ संगीत / Music हिंदी / Hindi
- लेखक: के. वासुदेव शास्त्री - K. Vasudev Shastri
- पृष्ठ : 429
- साइज: 34 MB
- वर्ष: 1985
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दो शब्द :
यह ग्रंथ संगीत शास्त्र पर आधारित है और इसके लेखक श्री के. वासुदेव शास्त्री ने पिछले 37 वर्षों में भारतीय संगीत की विभिन्न पद्धतियों का अध्ययन किया है। इसमें संगीत के सभी तत्वों का सरल और आकर्षक ढंग से उद्घाटन किया गया है, जिससे संगीत के विद्यार्थियों और जिज्ञासुओं को लाभ होगा। लेखक ने अपने गांव में अनुभवी संगीतज्ञों से शिक्षा ली और कई वर्षों तक संगीत के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से अध्ययन किया। लेखक का मानना है कि संगीत शास्त्र पर हिंदी में प्रामाणिक ग्रंथों की कमी है, और इस पुस्तक का उद्देश्य इस कमी को पूरा करना है। उन्होंने अपने अध्ययन के दौरान संगीत रत्नाकर जैसे प्राचीन ग्रंथों का गहन अध्ययन किया और वहां से प्राप्त ज्ञान को साझा किया है। पुस्तक में श्रुतियों और स्वर के संबंध, सप्तक में श्रुतियों की संख्या, और स्थायी स्वर अलंकारों के सिद्धांतों पर चर्चा की गई है। लेखक ने संगीत की जटिलताओं को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया है, जिससे पाठक आसानी से संगीत की गहराई को समझ सकें। इस ग्रंथ का मुख्य उद्देश्य भारतीय संगीत को एक ठोस आधार देना और इसे हिंदीभाषी समाज में अधिक सुलभ बनाना है, ताकि लोग संगीत की गहराई को समझ सकें और इस दिशा में आगे बढ़ सकें।
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