हिंदी भाषा | Hindi Bhasha

- श्रेणी: इतिहास / History हिंदी / Hindi
- लेखक: महावीर प्रसाद द्विवेदी - Mahavir Prasad Dwivedi श्यामसुंदर दास - Shyam Sundar Das
- पृष्ठ : 390
- साइज: 10 MB
- वर्ष: 1937
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दो शब्द :
इस पाठ में हिंदी भाषा और साहित्य के इतिहास को लिखने की आवश्यकता और प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। लेखक ने बताया कि हिंदी साहित्य का इतिहास पहले कई विद्वानों द्वारा लिखा गया था, लेकिन उनमें से अधिकांश में स्वतंत्र विचारों और शोध का अभाव था। पंडित महाचीरप्रसाद द्विवेदी और पं. रामनरेश त्रिपाठी जैसे विद्वानों ने इस दिशा में प्रयास किए, लेकिन उनके लेखन में कुछ सीमाएँ थीं। लेखक ने अपनी पुस्तक के माध्यम से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि भाषा और साहित्य का गहरा संबंध होता है, और उनके विकास का अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि हिंदी साहित्य का इतिहास लिखने का उनका उद्देश्य कवियों और उनकी कृतियों का विवरण देना नहीं, बल्कि साहित्य की प्रगति के प्रमुख युगों और विशेषताओं का उल्लेख करना है। पुस्तक में भाषा और साहित्य के विकास की प्रक्रियाओं को समझाने के लिए विभिन्न विद्वानों के विचारों का संदर्भ दिया गया है। लेखक ने अपने मित्रों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी सहायता के बिना यह पुस्तक प्रकाश में नहीं आ पाती। कुल मिलाकर, यह पाठ हिंदी भाषा और साहित्य के इतिहास को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास का वर्णन करता है, जिसमें लेखक ने अपने दृष्टिकोण और अनुसंधान को प्रस्तुत किया है।
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