नीड का निर्माड फिर | Need Ka Nirmad Fir

- श्रेणी: कहानियाँ / Stories जीवनी / Biography साहित्य / Literature हिंदी / Hindi
- लेखक: हरिवंश राय बच्चन - Harivansh Rai Bachchan
- पृष्ठ : 367
- साइज: 48 MB
- वर्ष: 1970
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ का सारांश प्रस्तुत करते हुए, यह स्पष्ट होता है कि यह आत्मकथा का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें लेखक हरिवंशराय बच्चन अपने जीवन की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं और अनुभवों को साझा कर रहे हैं। लेखक ने पहले खंड में अपने प्रारंभिक जीवन की घटनाएँ और रचनाएँ प्रस्तुत की थीं, और अब वे 1654 तक के समय को कवर करना चाहते हैं जिसमें उन्होंने इंग्लैंड और आयरलैंड में अध्ययन किया और कई कविताएँ लिखीं। लेखक ने अपने आत्म-चित्रण के उद्देश्य को स्पष्ट किया है, जो उनके जीवन के अनुभवों और विचारों को साझा करने के लिए है। वह अपने पाठकों से अपेक्षा करते हैं कि वे उनकी रचनाओं पर प्रतिक्रिया दें, जिससे उन्हें अपने लेखन में सुधार करने का अवसर मिले। उन्होंने यह भी बताया है कि उनके मित्रों और पाठकों की प्रतिक्रियाएँ विभिन्न प्रकार की रही हैं, और वे सभी सुझावों का सम्मान करते हैं। पाठ में लेखक ने अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने सपना देखा कि उनका विवाह हो रहा है। इस सपने में उनके रिश्तेदार और मित्र शामिल होते हैं, और यह एक उत्सव का माहौल बनाता है। यह सपना उनके जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को दर्शाता है और यह भी बताता है कि उनके जीवन में संबंधों का कितना महत्व है। अंत में, लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि यह आत्म-चित्रण किसी पुरस्कार या प्रशंसा के लिए नहीं, बल्कि अपने निकटजनों के लिए लिखा गया है, ताकि वे उनके गुणों और स्वभाव को समझ सकें। उन्होंने कहा कि उनके लेखन का उद्देश्य अपनी सरलता और स्वाभाविकता को प्रस्तुत करना है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.