न आने वाला कल | Na Aane Wala Kal

- श्रेणी: इतिहास / History उपन्यास / Upnyas-Novel
- लेखक: मोहन राकेश - Mohan Rakesh
- पृष्ठ : 208
- साइज: 7 MB
- वर्ष: 1970
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दो शब्द :
इस पाठ में एक पहाड़ी स्कूल के शिक्षकों और छात्रों के जीवन की एक कहानी प्रस्तुत की गई है। सभी पात्र अपने-अपने जीवन में एकांत और अकेलेपन का अनुभव कर रहे हैं, और वे अपने भविष्य की उम्मीद में हैं। एक साधारण घटना, जैसे कि एक मास्टर का त्यागपत्र, सभी के जीवन में हलचल पैदा कर देती है और उन्हें अपने भविष्य के प्रति चिंतित कर देती है। कहानी में परन्चु नामक एक शिक्षक के दृष्टिकोण से घटनाओं का वर्णन किया गया है, जो अपने स्वास्थ्य की समस्याओं के कारण स्कूल छोड़ने का निर्णय लेते हैं। वह अपने जीवन में एक अंतर्विरोध का सामना कर रहे हैं, जहाँ एक ओर वह अपने निर्णय को लेना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपनी पत्नी शोभा की इच्छाओं का भी ध्यान रखना पड़ता है। पाठ में यह दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण निर्णय, जैसे कि त्यागपत्र देना, सभी पात्रों के जीवन में गहराई से प्रभाव डालता है। यह उपन्यास मानव संबंधों की जटिलताओं और व्यक्तिगत संघर्षों का गहन चित्रण करता है। लेखक ने पात्रों की मानसिकता और उनके अंतर्मन की हलचल को बारीकी से प्रस्तुत किया है, जिससे पाठक उनके जीवन की कठिनाइयों और उनके भावनात्मक द्वंद्व को महसूस कर सकता है। अंत में, यह कहानी न केवल व्यक्तिगत निर्णयों के प्रभाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे जीवन के छोटे-छोटे परिवर्तन बड़े बदलावों की शुरुआत कर सकते हैं।
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