दस्तावेज मंटो | dastavej Manto

- श्रेणी: उपन्यास / Upnyas-Novel कहानियाँ / Stories हिंदी / Hindi
- लेखक: सआदत हसन मंटो - Saadat Hasan Manto
- पृष्ठ : 382
- साइज: 24 MB
- वर्ष: 1963
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दो शब्द :
पाठ में मानवता, समय, और सच्चाई के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया है। इसमें बताया गया है कि सच के कई रूप होते हैं, और मानव इतिहास में समय के साथ कितनी सच्चाइयाँ भ्रामक बन जाती हैं। मंटो का लेखन इस विचार को उजागर करता है कि आदमी ही सबसे बड़ा सच है और वह एक जटिलता में बंधा हुआ है, जिसमें अंधेरा और उजाला एक-दूसरे से लड़ते हैं। मंटो की दृष्टि में, समय केवल एक निरंतर प्रवाह है, जिसमें व्यक्ति और घटनाएँ एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। समय को समझना और उसके अनुसार जीना आवश्यक है। साथ ही, मंटो ने सामाजिक और राजनीतिक संस्थाओं की आलोचना की है, जो मानवता के मूल अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि संस्थाएँ जब व्यक्तिगत या सामूहिक हितों के लिए काम करने लगती हैं, तो वे एक खतरनाक रूप ले लेती हैं। मंटो ने अपने लेखन में उस अंधेरे को उजागर किया है, जिसमें लोग सामाजिक नियमों और नैतिकताओं के कारण जकड़े रहते हैं। उन्होंने यह दर्शाया है कि सचाई और फरेब के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। उनका लेखन मानवता के संघर्ष, उसकी पहचान, और सामाजिक व्यवस्था की जटिलताओं को भी दर्शाता है। इस प्रकार, पाठ में मंटो की कहानियों और उनके विचारों के माध्यम से मानवता, समय और सच्चाई के विभिन्न पहलुओं की गहनता से चर्चा की गई है।
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