यूनानी चिकित्सा सगर | Younani Chikitsa Sagar

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद संस्कृत /sanskrit
- लेखक: हकीम मंसा राम शुक्ला - Hakim Mansa Ram Shukla
- पृष्ठ : 547
- साइज: 24 MB
- वर्ष: 1950
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में भारतीय संस्कृति और चिकित्सा पद्धतियों का महत्व तथा उनके ऐतिहासिक संदर्भ पर चर्चा की गई है। लेखक ने बताया है कि भारत एक समय में सांस्कृतिक और ज्ञान के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा था, जबकि अन्य देश अज्ञानता में थे। भारतीय ऋषियों ने एक उन्नत समाज की रचना की जिसमें वेदों का ज्ञान प्रमुख था। लेखक ने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय संस्कृति ने दुनिया भर के लोगों को प्रभावित किया और विभिन्न देशों में भारतीय विद्वानों का योगदान देखा गया। उदाहरण के लिए, चीनी यात्रियों ने भारतीय संस्कृति का अध्ययन किया, और भारतीय चिकित्सा, ज्योतिष और अन्य शास्त्रों का अनुवाद अरबी में किया गया। हालांकि, समय के साथ भारत पर विदेशी आक्रमण हुए और देश में दासता का युग आया, जिसने भारतीय संस्कृति और ज्ञान को क्षति पहुँचाई। इसके बावजूद, स्वतंत्रता के बाद, लेखक का उद्देश्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, विशेषकर यूनानी चिकित्सा, को पुनर्जीवित करना और उनके लाभों को लोगों के सामने लाना है। लेखक ने यह भी बताया कि वर्तमान में पश्चिमी चिकित्सा पद्धतियों में कई समस्याएं हैं, और उन्होंने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की श्रेष्ठता को रेखांकित किया। पाठ में यह भी सुझाव दिया गया है कि भारतीय जड़ी-बूटियों और औषधियों का उपयोग करके स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। अंत में, लेखक ने अपने इस प्रयास को सफल बनाने के लिए समाज से समर्थन की अपील की है, ताकि भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का पुनः जागरण हो सके और लोग उनके लाभों का अनुभव कर सकें।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.