श्री राम की वंदना | Shri Ram Ki Vandana

- श्रेणी: Cultural Studies | सभ्यता और संस्कृति धार्मिक / Religious साहित्य / Literature हिंदू - Hinduism
- लेखक: अज्ञात - Unknown
- पृष्ठ : 750
- साइज: 21 MB
- वर्ष: 1959
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दो शब्द :
यह पाठ 'भीरामाह्' नामक विशेषांक का परिचय और विवरण प्रस्तुत करता है। इस विशेषांक में भगवान श्रीराम और माता सीता से संबंधित सामग्री का समावेश किया गया है, जिसमें उनके स्वरूप, नाम, लीलाएँ, और धामों का वर्णन है। इसमें विद्वानों और भक्तों के विचार, भगवान राम के गुणों का प्रकाशन, और उनकी कथाओं का संग्रह भी शामिल है। इसमें भगवान राम से जुड़े पवित्र स्थानों, नदियों, और सरोवरों का माहात्म्य भी वर्णित किया गया है। पाठ में राम की प्रसिद्धि और उनके साथ संवाद के लिए अनुष्ठान, मंत्र, और स्तोत्र का उल्लेख भी किया गया है। इसके अलावा, महात्मा गांधी की 'रामराज्य' की अवधारणा और वर्तमान समय में भगवान राम के गुणों को अपनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई है। विशेषांक में 700 पृष्ठों की सामग्री है, जिसमें चित्र और सूची भी शामिल हैं। इसके संपादक ने पाठकों से आर्थिक कठिनाइयों के लिए क्षमा याचना की है और उन्हें विशेषांक की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी है। पाठ में ग्राहकों से अनुरोध है कि वे अपने पते और आवश्यक जानकारी ठीक से प्रदान करें ताकि उन्हें पत्रिका का वितरण सही तरीके से किया जा सके। सारांश में यह कहा जा सकता है कि यह विशेषांक भगवान श्रीराम की महिमा, उनके आदर्श, और भारतीय समाज में उनके मूल्य को उजागर करने का प्रयास है।
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