कुरान शरीफ | Quran Sharif

- श्रेणी: इतिहास / History धार्मिक / Religious साहित्य / Literature
- लेखक: श्री अहमद बशीर - Shri Ahmed Bashir
- पृष्ठ : 610
- साइज: 56 MB
- वर्ष: 1950
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दो शब्द :
इस पाठ में भारत में विदेशी हुकूमत द्वारा अपनाई गई नीति का उल्लेख है, जिसने विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच मतभेद और विद्वेष की भावना को बढ़ावा दिया। लेखक का मानना है कि इस स्थिति को सुधारने के लिए साम्प्रदायिक सहयोग और इस्लाम के सिद्धांतों का समझना आवश्यक है। अहमद बशीर द्वारा अनुवादित कुरान का महत्व बताया गया है, जो इस दिशा में सहायक सिद्ध हो सकता है। कुरान के माध्यम से एक ही ईश्वर का संदेश दिया गया है और यह बताया गया है कि सभी धर्मों का मूल एक ही है। पाठ में यह भी कहा गया है कि मनुष्य ने अपने स्वार्थ और अहंकार के कारण धर्म को विभिन्न गुटों में बांट दिया है, जिससे मानवता को दुख पहुंचा है। लेख में यह दर्शाया गया है कि मुहम्मद ने अपने समय में जो सामाजिक और धार्मिक सुधार किए, वे अत्यंत आवश्यक थे। उनकी शिक्षाओं ने अरब की अधर्मिता और पाखंड को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुरान की आयतें इस बात की पुष्टि करती हैं कि ईश्वर के द्वारा सभी जातियों के लिए संत और ज्ञान दाता भेजे गए हैं। पाठ के अंत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुहम्मद के समय में अरब में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक मतभेद थे, और कुरान ने इन मतभेदों को खत्म करने का प्रयास किया। इस प्रकार, पाठ का सार यह है कि कुरान और मुहम्मद की शिक्षाएं मानवता के लिए एकता, शांति और सच्चाई का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
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