गायत्री तंत्र | गायत्री तंत्र

- श्रेणी: ज्योतिष / Astrology भक्ति/ bhakti
- लेखक: बलदेवप्रसाद मिश्र - Baladevprasad Mishr
- पृष्ठ : 78
- साइज: 3 MB
- वर्ष: 1898
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दो शब्द :
इस पाठ में गायत्री मंत्र और उसकी विभिन्न शक्तियों तथा प्रभावों का विस्तृत वर्णन किया गया है। पाठ में बताया गया है कि गायत्री मंत्र का जप और ध्यान कैसे किया जाता है और इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के लाभ कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं। गायत्री मंत्र के सही उच्चारण, उसकी महत्ता और उद्देश्य को समझाते हुए यह बताया गया है कि गायत्री मंत्र का जप किस प्रकार से भूत, पिशाच, और अन्य नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति दिलाने में सहायक है। साथ ही, यह भी उल्लेख किया गया है कि गायत्री मंत्र का जप करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य, धन, और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस पाठ में गुरु, साधक, और पाठक के बीच की संवादात्मक शैली में गायत्री मंत्र के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की गई है। पाठ में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा विधियों और जप के तरीकों का भी उल्लेख है, जो कि दीक्षा और साधना के साथ जुड़े हुए हैं। गायत्री मंत्र के पाठ से जुड़ी विधियों के माध्यम से पाठक को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि कैसे साधक अपने जीवन में इस मंत्र का उपयोग कर सकता है और अपने चारों ओर की नकारात्मकता को दूर कर सकता है। संक्षेप में, यह पाठ गायत्री मंत्र की महत्ता, उसके जप की विधि, और उसके लाभों का एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
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