अनुभूत योग | Anubhut Yoga

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद योग / Yoga
- लेखक: पं श्यामसुन्दराचार्य वैश्य - Pt. Shyamsundaracharya Vaishya
- पृष्ठ : 295
- साइज: 13 MB
- वर्ष: 1977
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दो शब्द :
इस पाठ में विभिन्न औषधियों और उपचार विधियों का वर्णन किया गया है, जो मुख्यतः कान की बहरापन, योनि रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए हैं। पाठ में बताया गया है कि कैसे विभिन्न जड़ी-बूटियों और औषधियों का इस्तेमाल कर बहरापन का इलाज किया जा सकता है, जिसमें कान में औषधियाँ डालने और पिचकारी के प्रयोग की विधियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, योनि रोगों के लिए विभिन्न चूर्णों और औषधियों की तैयारियों का विवरण भी दिया गया है, जो स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए उपयोगी हैं। प्रस्तुत औषधियों में ब्रांडी और अफीम का मिश्रण, बबुल के पत्तों का चूर्ण, और अन्य जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं, जिनका उपयोग कान की चिकित्सा के लिए किया जाता है। इन औषधियों के प्रयोग से सुनने की क्षमता को पुनर्स्थापित करने का दावा किया गया है। पाठ में उपचार विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिसमें औषधियों की मात्रा, उनका निर्माण और उपयोग की विधि शामिल हैं। इसके साथ ही, इन औषधियों के गुण और उनके प्रभाव का भी वर्णन किया गया है, जैसे कि बहरापन दूर करने की क्षमता और योनि रोगों का उपचार। इस प्रकार, पाठ में घरेलू औषधियों का उपयोग कर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन किया गया है।
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