राजस्थान एक विस्तृत अध्ययन | Rajasthan Ek Vistrat Adhayayan

- श्रेणी: अर्थशास्त्र / Economics भारत / India भूगोल / Geography
- लेखक: डॉ एल. आर. भल्ला - Dr. L. R. Bhalla
- पृष्ठ : 502
- साइज: 33 MB
- वर्ष: 1909
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दो शब्द :
यह पाठ राजस्थान राज्य पर केंद्रित एक विस्तृत अध्ययन का सारांश प्रस्तुत करता है। पुस्तक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले उम्मीदवारों और राजस्थान में रुचि रखने वाले पाठकों को आवश्यक जानकारी प्रदान करना है। इसमें भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, और आर्थिक पहलुओं की विवेचना की गई है। राजस्थान का क्षेत्रफल भारत के दूसरे सबसे बड़े प्रांत के रूप में महत्वपूर्ण है, जिसमें थार मरुस्थल का बड़ा हिस्सा शामिल है। यहां की जनसंख्या मुख्यत: कृषि पर निर्भर है, लेकिन भूमि की उत्पादन क्षमता अन्य राज्यों की तुलना में कम है। राजस्थान में सिंचाई की सुविधाएं सीमित हैं, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होता है। पशुधन के मामले में राजस्थान महत्वपूर्ण स्थान रखता है, लेकिन बिजली उत्पादन और उपभोग के मामले में यह पिछड़ा हुआ है। परिवहन और औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से भी राज्य की स्थिति संतोषजनक नहीं है। खनिज संसाधनों के मामले में राजस्थान का स्थान देश में दूसरा है, लेकिन विकास के लिए आवश्यक ध्यान और संसाधनों की कमी है। आर्थिक विकास में बाधाएं और योजनाओं के लिए धन का अभाव राज्य के विकास को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, पाठ में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक विविधता, रीति-रिवाज, और लोक कलाओं का भी उल्लेख किया गया है। लेखक ने यह अपेक्षा की है कि पाठक पुस्तक से संतुष्ट होंगे और अपने सुझावों से आगामी संस्करण को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
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