भारतीय लोक प्रशासन | Bhartiya Lok Prashashan

- श्रेणी: Freedom and Politics | आज़ादी और राजनीति भारत / India संविधान / constitution
- लेखक: शालिनी वाधवा - Shalini Wadhwa
- पृष्ठ : 412
- साइज: 8 MB
- वर्ष: 2003
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दो शब्द :
भारत का आधुनिक लोक प्रशासन ब्रिटिश पद्धति से अत्यधिक प्रभावित है। ब्रिटिश साम्राज्य के आगमन से पहले भारत में विभिन्न शासकों के प्रशासनिक ढांचे और राजनीतिक व्यवस्थाओं का विकास हुआ था। मुगल काल के प्रशासन में कई महत्वपूर्ण नाम जैसे अलाउद्दीन खिलजी, शेरशाह और अकबर शामिल हैं, जिन्होंने प्रशासन को मजबूत बनाया और उसमें नवाचार किए। हालांकि मुगल प्रशासन आधुनिक प्रशासन की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ था, जिसके कारण अंग्रेजों ने अपने शासन के दौरान प्रशासन की नई संरचना बनाई। ब्रिटिश प्रशासन का विकास मुख्यतः जिले को प्रशासन की इकाई बनाकर और प्रांतों की रचना कर हुआ। इस पुस्तक में यह बताया गया है कि कैसे ब्रिटिश प्रशासन ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद विकास की दिशा में कदम उठाए और भारतीय लोक प्रशासन में यह बदलाव कैसे आया। यह पुस्तक उन सभी के लिए उपयोगी है जो प्रशासन, शिक्षा और शोध में रुचि रखते हैं। भारतीय प्रशासन का इतिहास और विकास एक लंबी यात्रा है, जिसमें विभिन्न शासन व्यवस्थाएं आईं और गईं। अंग्रेजी राज में प्रशासन का एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण विकास हुआ, जिसमें संवैधानिक सुधारों और भारतीय प्रशासन को आधुनिक रूप में विकसित करने के प्रयास शामिल थे। यह पुस्तक प्रशासन की विभिन्न संरचनाओं और विकास की प्रक्रियाओं का विस्तृत वर्णन करती है, जिसमें केंद्रीय सचिवालय, सार्वजनिक सेवाएं, वित्तीय प्रशासन, न्याय प्रशासन आदि शामिल हैं। इस प्रकार, भारतीय लोक प्रशासन का विकास विभिन्न ऐतिहासिक और राजनीतिक प्रभावों से प्रभावित रहा है और यह पुस्तक इस जटिल प्रक्रिया को स्पष्टता से प्रस्तुत करती है।
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